नई दिल्ली
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुछ ताकतें हैं, जो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ रही हैं। रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि ऐसे लोगों को संस्थान के छात्रसंघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भी देखा गया है। आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कुछ दिन पहले ही वामपंथी समूहों ने जेएनयू छात्रसंघ चुनावों में सभी चार प्रमुख पद जीते हैं।
चुनाव नतीजे सामने आने के बाद RSS समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा) के सदस्यों के बीच झड़पें भी हुई हैं। मामला पुलिस तक पहुंच गया और दोनों ही पक्षों की ओर से एक दूसरे पर पिटाई के आरोप लगाए गए। इस बाबत सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी शेयर की गईं .....
सोचने वाली बात है कि यह बयान किसी भाजपा नेता का नहीं यह पार्टी के फूहड़ प्रवक्ता सा है देश के आशीष पद पर आसीन रक्षा मंत्री का यह बयान है उनका व्यक्तित्व कैसा लेकिन उनका पद अति महत्वपूर्ण है और जिम्मेदारियों से भरा है अगर निर्मला जी के पास उनके आरोप के साथ उपलब्ध है तो उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए , यूं राष्ट्रद्रोहियों का विरोध मीडिया में करके रक्षा मंत्री अपने ही सरकार के कमजोर होने का ढिंढोरा ही पी ट रही ....और अगर साक्ष्य नहीं तो फिर निर्मला सीतारमन को इतने महत्वपूर्ण पद पर रहकर ऐसी ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए ....बांकी सब तो जो है सो है ....जय हिन्द 🙏🏻😏😣👎

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