शांतिपूर्ण आंदोलन करनेवाले राजद के क्रांतिकारी साथियों को मुकदमे में फंसाकर डराने की बचकानी कोशिश ना करो नीतीश जी ; ऐसा ना हो कि अंदर जमा लावा ज्वालामुखी बनकर सामने आए .....
हमने पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण आंदोलन किया , विरोध स्वरूप सड़क जाम किया सिर्फ “अररिया जिला" ही नहीं बिहार के किसी भी जिले में राष्ट्रीय जनता दल या महागठबंधन के किसी भी घटक दल के कार्यकर्ताओं ने अनुशासन नहीं तोड़ा ..... शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को सफल बनाया , कहीं-कहीं तो राजद के कार्यकर्ताओं ने गुलाब के फूल देकर सड़क जाम करवाया .... जाम में फंसे यात्रियों को पानी पिलाया ; नाश्ते की व्यवस्था की और अपने आंदोलन के महत्व को बताया, आम जनता हमारे साथ खड़ी हो गई थी.... क्योंकि बढ़ते तेमूल्यों का सबसे ज्यादा दंश झेल रहे निम्न वर्ग या निम्न मध्यम वर्गीय लोग ... उन्हें लगा कि महागठबंधन उनकी ही जज्बात के लिए उनके ही बात के लिए लड़ रहा .... इसलिए उन्होंने हम पर विश्वास किया वैसे तो 10 को बंदी के दौरान मैंने एक लाइव वीडियो भी करी थी जिसमे मैंने पूर्वानुमान के तहत बताया था की “क्योंकि यह आंदोलन पूर्णता सफल रहा है इसे देखकर नीतीश कुमार के सीने पर सांप लोट रहा होगा और कल होकर हम पर FIR दर्ज हो सकती है , मेरी आशंका सही निकली , जिला मुख्यालय में 45 लोगों को और विभिन्न प्रखंडों में जैसे कि नरपतगंज में 15 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है , विभिन्न तरह की धाराएं लगाई गई
जबकि जिले में कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी , क्या कहना चाह रही है नीतीश सरकार ??
जो मर्जी वह वह करेंगे कोई विरोध नहीं होना चाहिए.... बिल्कुल नरेंद्र मोदी के रास्ते पर चल निकली है नीतीश की सरकार ; केंद्र सरकार का भी विरोध करो तो आप “अर्बन नक्सल" हो ; गलत नीतियों का विरोध करो तो आप पाकिस्तान परस्त हो , उनके किए वादे याद दिलाओ तो आप मुल्ले की औलाद हो ; बस यही नीतीश कुमार ने भी कॉपी कर ली है , विरोध में उठने वाले आवाज को अपने पुलिस के सहारे दबाने की कोशिश कर रहे , हमें (राजद के कार्यकर्ताओं को) धमकाने डराने की कोशिश हो रही ; डर दिखाया जा रहा है सरकार का विरोध करोगे तो झूठे मुकदमों में फंसा दिए जाओगे .....हमारे नेता पर तरह-तरह की जांच बैठाई जा रही है ; झुकाने की तोड़ने की कोशिश करी जा रही , लेकिन नीतीश सरकार भूल गई है कि हम और हमारे नेता वंचितों शोषितों और दलितों के हक हकुक के लिए मरने मिटने को तैयार हैं , “नीतीश मोदी" की तानाशाही गरीब विरोधी नीतियों की खिलाफत करते रहेंगे .....
सत्य का संघर्ष सत्ता से
न्याय लड़ता निरंकुशता से
अंधेरे ने दी चुनौती है
किरण अंतिम अस्ता होती है
दीप निष्ठा का लिए निष्कंप
वज्र टूटे या उठे भूकंप
टूट सकते हैं मगर हम
झुक नहीं सकते ......(अटल जी की पंक्तियां ) जगदीश झा गुड्डू प्रवक्ता राजद अररिया की कलम से
इस सोच के साथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं बिहार के दिलों की धड़कन , आम जनता के उम्मीद की आखरी किरण , हमारे नेता , युवाओं के आदर्श तेजस्वी यादव और उनके क्रांतिकारी साथी .......जिसपे एक दो क्या बीसियों मुकदमे करवा दो नीतीश जी ....हम ना दबेंगे ना झुकेंगे ना रुकेंगे .....जय हिन्द
हमने पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण आंदोलन किया , विरोध स्वरूप सड़क जाम किया सिर्फ “अररिया जिला" ही नहीं बिहार के किसी भी जिले में राष्ट्रीय जनता दल या महागठबंधन के किसी भी घटक दल के कार्यकर्ताओं ने अनुशासन नहीं तोड़ा ..... शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को सफल बनाया , कहीं-कहीं तो राजद के कार्यकर्ताओं ने गुलाब के फूल देकर सड़क जाम करवाया .... जाम में फंसे यात्रियों को पानी पिलाया ; नाश्ते की व्यवस्था की और अपने आंदोलन के महत्व को बताया, आम जनता हमारे साथ खड़ी हो गई थी.... क्योंकि बढ़ते तेमूल्यों का सबसे ज्यादा दंश झेल रहे निम्न वर्ग या निम्न मध्यम वर्गीय लोग ... उन्हें लगा कि महागठबंधन उनकी ही जज्बात के लिए उनके ही बात के लिए लड़ रहा .... इसलिए उन्होंने हम पर विश्वास किया वैसे तो 10 को बंदी के दौरान मैंने एक लाइव वीडियो भी करी थी जिसमे मैंने पूर्वानुमान के तहत बताया था की “क्योंकि यह आंदोलन पूर्णता सफल रहा है इसे देखकर नीतीश कुमार के सीने पर सांप लोट रहा होगा और कल होकर हम पर FIR दर्ज हो सकती है , मेरी आशंका सही निकली , जिला मुख्यालय में 45 लोगों को और विभिन्न प्रखंडों में जैसे कि नरपतगंज में 15 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है , विभिन्न तरह की धाराएं लगाई गई
जबकि जिले में कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी , क्या कहना चाह रही है नीतीश सरकार ??
जो मर्जी वह वह करेंगे कोई विरोध नहीं होना चाहिए.... बिल्कुल नरेंद्र मोदी के रास्ते पर चल निकली है नीतीश की सरकार ; केंद्र सरकार का भी विरोध करो तो आप “अर्बन नक्सल" हो ; गलत नीतियों का विरोध करो तो आप पाकिस्तान परस्त हो , उनके किए वादे याद दिलाओ तो आप मुल्ले की औलाद हो ; बस यही नीतीश कुमार ने भी कॉपी कर ली है , विरोध में उठने वाले आवाज को अपने पुलिस के सहारे दबाने की कोशिश कर रहे , हमें (राजद के कार्यकर्ताओं को) धमकाने डराने की कोशिश हो रही ; डर दिखाया जा रहा है सरकार का विरोध करोगे तो झूठे मुकदमों में फंसा दिए जाओगे .....हमारे नेता पर तरह-तरह की जांच बैठाई जा रही है ; झुकाने की तोड़ने की कोशिश करी जा रही , लेकिन नीतीश सरकार भूल गई है कि हम और हमारे नेता वंचितों शोषितों और दलितों के हक हकुक के लिए मरने मिटने को तैयार हैं , “नीतीश मोदी" की तानाशाही गरीब विरोधी नीतियों की खिलाफत करते रहेंगे .....
सत्य का संघर्ष सत्ता से
न्याय लड़ता निरंकुशता से
अंधेरे ने दी चुनौती है
किरण अंतिम अस्ता होती है
दीप निष्ठा का लिए निष्कंप
वज्र टूटे या उठे भूकंप
टूट सकते हैं मगर हम
झुक नहीं सकते ......(अटल जी की पंक्तियां ) जगदीश झा गुड्डू प्रवक्ता राजद अररिया की कलम से
इस सोच के साथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं बिहार के दिलों की धड़कन , आम जनता के उम्मीद की आखरी किरण , हमारे नेता , युवाओं के आदर्श तेजस्वी यादव और उनके क्रांतिकारी साथी .......जिसपे एक दो क्या बीसियों मुकदमे करवा दो नीतीश जी ....हम ना दबेंगे ना झुकेंगे ना रुकेंगे .....जय हिन्द

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