राजद प्रवक्ता ने कहा :- केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ बढते जनाक्रोश के कारण भाजपा और जदयू के नेता " मेन्टल डायरिया " के शिकार हो गये हैं......
इसी वजह से उनके द्वारा लगातार अप्रसांगिक बयान दिये जा रहे हैं और ट्विट किये जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकार के नाकामीयों और विफलताओं पर उठाये जा रहे गंभीर सबालों ने सत्ताधारी दलों और उनके एजेंटों को इस कदर निरूत्तर कर दिया है कि वे लालू परिवार और राजद परिवार के बारे मे तथ्यहीन बयानबाजी कर अपना खीझ उतारने को मजबूर हो गए हैं
उनके बयानों से एक बात तो स्पष्ट हो गया है कि तेजस्वी यादव की बढती लोकप्रियता और जनस्वीकार्यता ने भाजपा और जदयू नेताओं की परेशानी को काफी बढा दिया है। उनके तरकस से निकला हर बाण उन्हें हीं घायल कर रहा है। तेजस्वी के तेज और तेजप्रताप के प्रताप ने भाजपा और जदयू नेताओं को बौना बना दिया है
भाजपा और जदयू के नेता जितनी चिन्ता राजद के बारे मे कर रहे हैं , इतनी हीं चिन्ता यदि वे एनडीए के बारे मे करते तो शायद एनडीए के अन्दर इस तरह नेतृत्व के सबाल पर सिरफुटौव्वल की स्थिति नही रहती। भाजपा बाले कह रहे हैं कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव होगा तो जदयू के आरसीपी सिंह बोल रहे हैं कि नीतश कुमार के नेतृत्व मे चुनाव होगा। उपेन्द्र कुशवाहा कह रहे हैं कि नीतीश जी के नेतृत्व में वे चुनाव नही लडेंगे उनसे बडा जनाधार उनका है।भाजपा और जदयू के कई नेता खुले तौर पर बगावत कर रहे हैं।
भाजपा और जदयू नेताओं में यदि थोडी भी नैतिकता होती तो उन्हें विजय माल्या प्रकरण और सृजन घोटाले से लेकर राज्य की बदतर कानून व्यवस्था , नये नये घोटाले , भ्रष्टतम शासन व्यवस्था पर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।
इसी वजह से उनके द्वारा लगातार अप्रसांगिक बयान दिये जा रहे हैं और ट्विट किये जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकार के नाकामीयों और विफलताओं पर उठाये जा रहे गंभीर सबालों ने सत्ताधारी दलों और उनके एजेंटों को इस कदर निरूत्तर कर दिया है कि वे लालू परिवार और राजद परिवार के बारे मे तथ्यहीन बयानबाजी कर अपना खीझ उतारने को मजबूर हो गए हैं
उनके बयानों से एक बात तो स्पष्ट हो गया है कि तेजस्वी यादव की बढती लोकप्रियता और जनस्वीकार्यता ने भाजपा और जदयू नेताओं की परेशानी को काफी बढा दिया है। उनके तरकस से निकला हर बाण उन्हें हीं घायल कर रहा है। तेजस्वी के तेज और तेजप्रताप के प्रताप ने भाजपा और जदयू नेताओं को बौना बना दिया है
भाजपा और जदयू के नेता जितनी चिन्ता राजद के बारे मे कर रहे हैं , इतनी हीं चिन्ता यदि वे एनडीए के बारे मे करते तो शायद एनडीए के अन्दर इस तरह नेतृत्व के सबाल पर सिरफुटौव्वल की स्थिति नही रहती। भाजपा बाले कह रहे हैं कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव होगा तो जदयू के आरसीपी सिंह बोल रहे हैं कि नीतश कुमार के नेतृत्व मे चुनाव होगा। उपेन्द्र कुशवाहा कह रहे हैं कि नीतीश जी के नेतृत्व में वे चुनाव नही लडेंगे उनसे बडा जनाधार उनका है।भाजपा और जदयू के कई नेता खुले तौर पर बगावत कर रहे हैं।
भाजपा और जदयू नेताओं में यदि थोडी भी नैतिकता होती तो उन्हें विजय माल्या प्रकरण और सृजन घोटाले से लेकर राज्य की बदतर कानून व्यवस्था , नये नये घोटाले , भ्रष्टतम शासन व्यवस्था पर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।

No comments:
Post a Comment