Monday, September 17, 2018

दिल्ली: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने तोड़ी सरकारी सीलिंग, दर्ज होगी FIR





नई दिल्ली: दिल्ली में लोकसभा चुनावों के नज़दीक आते ही सीलिंग के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है. रविवार को दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में एक सील किए हुए घर का ताला तोड़ दिया. हालांकि 24 घंटों के अंदर नगर निगम ने उस घर को फिर सील कर दिया. जानकारी के मुताबिक मनोज तिवारी के इस कदम के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मनोज तिवारी के इस कदम को विपक्ष ने ड्रामा बताया है.


पूर्वी दिल्ली का गोकुलपुरी इलाका अनाधिकृत निर्माण का एक बड़ा केंद्र है. यहां बगैर लाइसेंस के डेयरी चलाने के कारण पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने शुक्रवार सुबह यहां ताला लगा कर सील लगा दिया था. हालांकि तिवारी की तरफ से ताला तोड़े जाने के बाद एकबार फिर सोमवार को नगर निगम के कर्मचारियों ने यहां सील लगा दी.


दुबारा सील करने पहुंचे नगर निगम के कर्मचारियों ने कहा है कि यहां बिना लाइसेंस के डेयरी चलाई जा रही थी. घर के सदस्यों का कहना है कि गांव होने के नाते वो कई पुश्तों से गाय-भैंस पालते हैं. आरोप है कि नगर निगम ने कोई नोटिस भी नहीं दिया. वहीं, निगम का कहना है कि पहले से सार्वजनिक नोटिस जारी किया हुआ है.


दूसरी तरह इस मामले को लेकर मनोज तिवारी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. आदमी पार्टी कह रही है कि लोकसभा चुनाव आने की वजह से मनोज तिवारी ड्रामा कर रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार चाहे तो लोगों को राहत देने के लिए अध्यादेश ला सकती है.


वहीं, कांग्रेस सीलिंग की समस्या के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहरा रही है. सीलिंग के मुद्दे पर कांग्रेस पूरी दिल्ली में न्याय युद्ध के नाम से रैलियां भी कर रही है, जिसमें अच्छी भीड़ उमड़ रही है. कांग्रेस सवाल उठा रही है कि जब एमसीडी में बीजेपी ही काबिज तो फिर मनोज तिवारी विरोध किसका कर रही है?


इस बीच सूत्रों के मुताबिक, सीलिंग पर बनी सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी का कहना है कि वो इस पूरे मामले की जांच करेगी और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट को इस बारे में रिपोर्ट पेश करेगी उसके बाद सुप्रीम कोर्ट जैसा निर्देश देगा उसका पालन किया जाएगा. वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम मनोज तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी कर रहा है.


आपको बता दें कि बीते साल दिसंबर महीने से दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी के दिशा निर्देश पर बड़े पैमाने पर लगातार सीलिंग चल रही है. ऐसे में किसी मकान की सील तोड़ना सीधे-सीधे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला बन सकता है. दरअसल सीलिंग के चलते बीजेपी  सवालों घेरे में थी, क्योंकि दिल्ली के अंदर नगर निगम पर वह बीते 11 साल से शासन कर रही है. ऐसे में अगर अवैध निर्माण हुआ है या कहीं अतिक्रमण हुआ है तो उसका जिम्मा दिल्ली नगर निगम का ही है.

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